माँ दुर्गा के 9 दिव्य स्वरूपों की आराधना का पर्व। आइए जानते हैं हर दिन पूजी जाने वाली देवी और उनका महत्व।
By Faltukhabar
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– स्वरूप: पर्वतराज हिमालय की पुत्री। – वाहन: वृषभ (बैल) – महत्व: नवरात्रि का पहला दिन, स्थिरता और शक्ति का प्रतीक। – पूजन: देसी घी का भोग लगाने से स्वास्थ्य लाभ मिलता है।
– स्वरूप: तपस्या और संयम की देवी। – वाहन: कमल पुष्प लिए हुए। – महत्व: साधना, भक्ति और तप की शक्ति प्रदान करती हैं। – पूजन: शक्कर और फल का भोग।
– स्वरूप: माथे पर अर्धचंद्र धारण करने वाली। – वाहन: सिंह – महत्व: साहस और निर्भयता देती हैं। – पूजन: दूध से बने प्रसाद का भोग।
– स्वरूप: ब्रह्मांड की सृष्टिकर्ता। – वाहन: सिंह – महत्व: आरोग्य और समृद्धि का आशीर्वाद। – पूजन: मालपुआ का भोग।
– स्वरूप: कार्तिकेय की माता। – वाहन: सिंह – महत्व: संतान सुख और परिवार की रक्षा करती हैं। – पूजन: केले का भोग।
– स्वरूप: ऋषि कात्यायन की पुत्री। – वाहन: सिंह – महत्व: विवाह योग्य कन्याओं को वर प्रदान करती हैं। – पूजन: शहद का भोग।
– स्वरूप: काली का उग्र रूप। – वाहन: गधा – महत्व: शत्रुओं का नाश, भय का अंत। – पूजन: गुड़ का भोग।
– स्वरूप: गौर वर्ण, श्वेत वस्त्र धारण। – वाहन: वृषभ – महत्व: पवित्रता और शांति का आशीर्वाद। – पूजन: नारियल का भोग।
– स्वरूप: सभी सिद्धियों और शक्तियों की अधिष्ठात्री। – वाहन: सिंह या कमल पर विराजमान। – महत्व: भक्तों को दिव्य ज्ञान और मोक्ष प्रदान करती हैं। – पूजन: तिल और खीर का भोग।