आज जानते हैं सैनिक सबमरीन के अंदर बिना ऑक्सीजन के सांस कैसे लेते हैं।

ये बड़ा दिलचस्प सा सवाल है कि सैनिक कई दिन कभी कभी महिनो तक सबमरीन में रहते हैं वो वहां सांस कैसे लेते हैं।

क्या वहां पर ऑक्सीजन ख़त्म नहीं होता है।

तो इसका जवाब है वहां पर भी ऑक्सीजन खत्म हो जाता है और वो ऑक्सीजन सिलेंडर भर कर रखते हैं।

इसके अलावा वो ऑक्सीजन को सबमरीन के अंदर बनाते हैं।

ये ऑक्सीजन बनाने की प्रक्रिया इलेक्ट्रोलिसिस कहलाती है।

इसमे पानी को पनडुब्बी में लाकर हाइड्रोजन और ऑक्सीजन में ब्रेक किया जाता है।

सबमरीन में हवा की नमी या ताजगी बनाए रखने के लिए डीह्यूमिडिफ़ायर का उपयोग किया जाता है या ताजगी के लिए एयर फ्रेशनर भी छोड़ी जाती है।

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