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By Faltukhabar
हवाई जहाज़ के टायर में बहुत ज़्यादा प्रेशर होता है करीब 200 PSI तक (कार के टायर से लगभग 6 गुना)।
इन टायरों में हवा नहीं, बल्कि शुद्ध नाइट्रोजन गैस भरी जाती है।क्योंकि नाइट्रोजन तापमान में बदलाव से फैलती या सिकुड़ती नहीं इससे ब्लास्ट का खतरा खत्म हो जाता है।
हर टायर कई मजबूत लेयर और हीट-रेसिस्टेंट रबर से बना होता है। ये लेयर तेज़ स्पीड और घर्षण के बावजूद फटने नहीं देते।
एक टायर को उड़ान से पहले सैकड़ों बार टेस्ट किया जाता है यह 250 मील प्रति घंटे की रफ्तार और 38 टन वजन झेलने में सक्षम होता है।
लैंडिंग के समय टायर का तापमान 200°C तक पहुंच सकता है फिर भी ये टायर कूलिंग सिस्टम और रबर कंपाउंड के कारण नहीं फटते।
हर विमान में कई टायर लगे होते हैं ताकि अगर एक टायर फेल हो जाए तो बाकी टायर विमान को संभाल लें।
“अब जब भी हवाई जहाज़ लैंड करे, याद रखना — उसके नीचे के टायर तुम्हारे सोच से ज़्यादा ताकतवर हैं!”
- By Faltukhabar