By Faltukhabar
रेगिस्तान में दिन में बहुत गर्मी और रात में कड़ाके की ठंड होती है, जहाँ ज़्यादातर जानवर जीवित नहीं रह पाते।
ऊँट हफ्तों तक बिना पानी और खाना खाए रह सकता है। उसका शरीर रेगिस्तान की परिस्थितियों के अनुकूल बना है।
ऊँट अपने शरीर में कई लीटर पानी जमा कर सकता है, और एक बार में 100 लीटर से ज्यादा पानी पी सकता है!
उसके शरीर का तापमान 41°C तक बिना नुकसान झेल सकता है, और ऊँट को पसीना भी बहुत कम आता है इससे शरीर में पानी की कमी नहीं होती।
ऊँट की कूबड़ (hump) में पानी नहीं, बल्कि फैट (चर्बी) होता है, जिसे शरीर जरूरत पड़ने पर ऊर्जा और पानी में बदल लेता है।
ऊँट के पैर चौड़े और नरम होते हैं, जिससे वो रेत में धंसता नहीं और आसानी से लंबी दूरी तय कर लेता है।
ऊँट सामान और लोगों को ले जाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, इसलिए लोग उसे “रेगिस्तान का जहाज (Ship of the Desert)” कहते हैं।
By Faltukhabar