आइए जानते हैं इसके नाम के पीछे का छिपा रहस्य

क्यों ऊँट को ‘रेगिस्तान का जहाज’ कहा जाता है?

By Faltukhabar

रेगिस्तान की कठोर ज़िंदगी

रेगिस्तान में दिन में बहुत गर्मी और रात में कड़ाके की ठंड होती है, जहाँ ज़्यादातर जानवर जीवित नहीं रह पाते।

ऊँट की  खासियत

ऊँट हफ्तों तक बिना पानी और खाना खाए रह सकता है। उसका शरीर रेगिस्तान की परिस्थितियों के अनुकूल बना है।

पानी की स्टोरेज क्षमता

ऊँट अपने शरीर में कई लीटर पानी जमा कर सकता है, और एक बार में 100 लीटर से ज्यादा पानी पी सकता है!

गर्मी सहने की ताकत

उसके शरीर का तापमान 41°C तक बिना नुकसान झेल सकता है, और ऊँट को पसीना भी बहुत कम आता है इससे शरीर में पानी की कमी नहीं होती।

कूबड़ का  कमाल

ऊँट की कूबड़ (hump) में पानी नहीं, बल्कि फैट (चर्बी) होता है, जिसे शरीर जरूरत पड़ने पर ऊर्जा और पानी में बदल लेता है।

रेत में चलने  की कला

ऊँट के पैर चौड़े और नरम होते हैं, जिससे वो रेत में धंसता नहीं और आसानी से लंबी दूरी तय कर लेता है।

इंसानों का  साथी

ऊँट सामान और लोगों को ले जाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, इसलिए लोग उसे “रेगिस्तान का जहाज (Ship of the Desert)” कहते हैं।

Fun Fact

क्या आप जानते हैं?

By Faltukhabar

ऊँट की पलकों में तीन परतें होती हैं  जो उसे रेतीले तूफान से बचाती हैं!