— Faltukhabar
चलिये एक स्टोरी के माध्यम से समझते हैं
रवि को मीठा बहुत पसंद था - चाय में दो चम्मच चीनी, रात में चॉकलेट, और वीकेंड पर कोल्ड ड्रिंक्स।
एक दिन उसने सोचा, “बस 14 दिन… बिना शुगर के रह के देखते हैं।”
सर दर्द, थकान, और अजीब सी चाहत। रवि को लगता था जैसे दिमाग बार-बार बोल रहा हो- "थोड़ा सा मीठा हो जाए!" पर उसने खुद से वादा किया था।
लालसा धीरे-धीरे कम होने लगी। नींद थोड़ी बेहतर हुई. सुबह उठते ही जो भारीपन होता था, वो काम लगने लगी।
एनर्जी स्टेबल रहने लगी। दिन भर काम करते वक़्त मूड स्विंग्स कम हो गए। फल अब ज़्यादा मीठा लगने लगे—जैसे टेस्ट बड्स रीसेट हो रहे हों।
त्वचा थोड़ी साफ़, पेट हल्का। रवि को महसूस हुआ कि बिना शुगर के जिंदगी चल सकती है... और अच्छी चल सकती है
रवि ने आईने में देखा और मुस्कुराया। वज़न थोड़ा कम, फोकस ज़्यादा, और नियंत्रण वापस। उसने सोचा, “चीनी छोड़ना सज़ा नहीं था… ये तो एक गिफ्ट निकला।”