By Faltukhabar
कुत्तों की नाक में लगभग 30 करोड़ smell receptors होते हैं, जबकि इंसानों में सिर्फ 60 लाख यही उनकी सुपरपावर है!
कुत्तों के दिमाग का वह हिस्सा जो गंध पहचानता है, वह इंसानों की तुलना में लगभग 40 गुना बड़ा होता है।
कुत्ते जब सांस लेते हैं, तो हवा का एक हिस्सा सूंघने के लिए और दूसरा सांस लेने के लिए इस्तेमाल करते हैं यानि गंध और सांस अलग-अलग रास्तों से जाते हैं!
हर बार सूंघने पर कुत्ता पिछले गंध को “रीसेट” नहीं करता बल्कि उसे नई गंध के साथ तुलना करता है इससे वो गंधों में मामूली फर्क भी पहचान लेता है।
इसी वजह से कुत्ते ड्रग्स, बम, या लापता इंसान की गंध भी कई किलोमीटर दूर से पहचान लेते हैं।
जैसे ब्लडहाउंड, जर्मन शेफर्ड, और लैब्राडोर सबसे तेज़ सूंघने वाली नस्लों में गिने जाते हैं।